राजाजी राष्ट्रीय उद्यान में आप सफारी पर जा सकते हैं और हरिद्वार के पास फैले विशाल वन क्षेत्र में वन्यजीवों को देखने की कोशिश कर सकते हैं। यह उद्यान लगभग 820 वर्ग किलोमीटर में फैला है। शहर से यात्रा की योजना बनाते समय चिल्ला को एक निर्धारित प्रवेश क्षेत्र के रूप में देखा जा सकता है।
- स्थान: हरिद्वार, ऋषिकेश और देहरादून के पास
- उद्यान का विस्तार: लगभग 820 वर्ग किलोमीटर
- प्रवेश क्षेत्र: चिल्ला एक निर्धारित प्रवेश बिंदु है
- सफारी: जिप्सी से सफारी में 2–3 घंटे लगते हैं; वाहन किराये का शुल्क अलग है
राजाजी के किस प्रवेश क्षेत्र से आपकी यात्रा बेहतर रहेगी?

राजाजी राष्ट्रीय उद्यान का एक निर्धारित प्रवेश क्षेत्र चिल्ला है। हरिद्वार से यात्रा के लिए शुरुआत कहाँ से करें, इसकी पड़ताल करते समय यह एक सुविधाजनक विकल्प हो सकता है। निकलने से पहले पुष्टि कर लें कि जिस क्षेत्र से आप जाना चाहते हैं, वह खुला है।
1983 में राजाजी, मोतीचूर और चिल्ला अभयारण्यों को मिलाकर इस उद्यान का गठन किया गया था। यहाँ के जंगलों से होकर गंगा और सोंग नदियाँ बहती हैं। हरिद्वार ज़िला पर्यटन पृष्ठ के अनुसार, यह ज़िला मुख्यालय से 8 किमी दूर है, लेकिन वहाँ पहुँचने का रास्ता या सड़क पर मौजूदा पाबंदियों की जानकारी नहीं दी गई है।
उद्यान में हाथी, बाघ, तेंदुए, सांभर, चीतल, काकड़, जंगली सूअर और लंगूर पाए जाते हैं। हरिद्वार ज़िला पर्यटन पृष्ठ में पक्षियों की 315 प्रजातियों का उल्लेख है, इसलिए सफारी के दौरान स्तनधारियों के साथ पक्षियों को देखने का मौका भी मिल सकता है।
राजाजी राष्ट्रीय उद्यान की सफारी की व्यवस्था कैसे करें?

राजाजी राष्ट्रीय उद्यान की सफारी के लिए उद्यान प्रवेश शुल्क के अलावा वाहन और, जहाँ लागू हो, कैमरे का शुल्क भी देना होता है। गेट पर 2–3 घंटे की जंगल सफारी के लिए जिप्सियाँ उपलब्ध रहती हैं। माँग वाहनों की उपलब्ध संख्या से अधिक हो सकती है, इसलिए पहले से बुकिंग कराने की सलाह दी जाती है।
प्रकाशित प्रवेश शुल्क की दरें अलग-अलग हैं: एक जगह 1–6 लोगों के समूह के लिए भारतीय नागरिकों का शुल्क ₹1,200 और विदेशी नागरिकों का ₹4,100 बताया गया है; दूसरी जगह भारतीय नागरिकों के लिए ₹150 प्रति व्यक्ति का शुल्क दिया गया है। जिप्सी का शुल्क अलग से लगता है। प्रकाशित दरों में भी अंतर है, इसलिए बुकिंग से पहले मौजूदा शुल्क की पुष्टि कर लें।
राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण की वेबसाइट पर राजाजी टाइगर रिज़र्व की वेबसाइट के रूप में rajajitigerreserve.co.in का उल्लेख है। भुगतान करने से पहले, रिज़र्व के आधिकारिक माध्यमों से बुकिंग की मौजूदा प्रक्रिया, क्षेत्र में प्रवेश, शुल्क और सफारी की उपलब्धता की पुष्टि कर लें।
किस मौसम में जाएँ और साथ क्या ले जाएँ?

राजाजी राष्ट्रीय उद्यान में सफारी का मौसम नवंबर के मध्य से जून के मध्य तक रहता है। जून के मध्य से नवंबर के मध्य तक उद्यान बंद रहता है। उत्तराखंड पर्यटन के अनुसार, मानसून के दौरान उद्यान बंद रहता है और यहाँ घूमने का समय नवंबर से जून तक है।
सफारी में प्रवेश का समय मौसम के अनुसार बदलता है। सुबह प्रवेश का समय 6:00 से 6:30 के बीच शुरू होता है और 9:00 से 10:30 के बीच समाप्त होता है। शाम को प्रवेश 2:00 से 3:00 के बीच शुरू होता है और 3:30 से 5:00 के बीच बंद हो जाता है। ये प्रवेश के समय हैं; इनसे हर क्षेत्र या वाहन की उपलब्धता की गारंटी नहीं मिलती।
टिकट के दाम और संचालन की व्यवस्था बदल सकती है, इसलिए जाने से पहले आधिकारिक वेबसाइट पर जानकारी जाँच लें। वन विश्राम गृह में रात बिताने के लिए, बेहतर होगा कि एक महीने पहले निदेशक कार्यालय के माध्यम से बुकिंग करें। एक बार में अधिकतम तीन रातें ठहर सकते हैं और उसी विश्राम गृह की दोबारा बुकिंग केवल तीन महीने बाद की जा सकती है।
हरिद्वार से राजाजी राष्ट्रीय उद्यान कैसे पहुँचें?

राजाजी राष्ट्रीय उद्यान हरिद्वार के इस होटल से लगभग 12.5 किमी दूर है। ज़िला पर्यटन पृष्ठ में चिल्ला को प्रवेश क्षेत्र बताया गया है, लेकिन वहाँ पहुँचने का रास्ता नहीं दिया गया। यात्रा से पहले गेट और सड़क से पहुँचने की मौजूदा स्थिति की पुष्टि कर लें।
हरिद्वार जंक्शन शहर पहुँचने के लिए रेल मार्ग का एक प्रमुख स्टेशन है। स्टेशन से अपने ठहरने की जगह तक पहुँचने की व्यवस्था आप पहले से कर सकते हैं।
ऋषिकेश के पास होने के कारण, राजाजी को हरिद्वार से ऋषिकेश की एक दिन की यात्रा के साथ देखने पर भी विचार किया जा सकता है। दोनों जगहों को एक ही दिन की योजना में शामिल करने से पहले, हर पड़ाव के लिए समय और पहुँचने की व्यवस्था जाँच लें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
राजाजी राष्ट्रीय उद्यान में कौन-से जानवर देख सकते हैं?
यहाँ हाथी, बाघ, तेंदुए, हिरण, जंगली सूअर और लंगूर पाए जाते हैं। उद्यान में पक्षियों की 315 प्रजातियाँ भी हैं।
राजाजी की सफारी कितनी देर की होती है?
जिप्सी से जंगल सफारी में 2–3 घंटे लगते हैं और वाहन का किराया अलग से देना होता है।
क्या मानसून में राजाजी राष्ट्रीय उद्यान खुला रहता है?
उद्यान जून के मध्य से नवंबर के मध्य तक बंद रहता है; इस अवधि में मानसून का समय भी शामिल है। यात्रा की योजना बनाने से पहले मौसम के अनुसार प्रवेश की जानकारी की पुष्टि कर लें।
